प्रदेश में साढ़ेे सात हजार से अधिक पंचायतों के खातों की जांच अब ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन ऑडिट के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सहमति दे दी गई है। पहले चरण में 20 प्रतिशत पंचायतों का ऑडिट ऑनलाइन होगा और अगले वित्तीय वर्ष से सभी पंचायतों को इस दायरे में शामिल किया जाएगा।
इस समय प्रदेश की पंचायतों के खाते ऑनलाइन किए जा चुके हैं। पंचायतें अपनी सुविधा के हिसाब से लेनदेन भी ऑनलाइन कर रही है। इसके साथ ही पंचायतों की वार्षिक योजना भी बनाकर ऑनलाइन अपलोड की जा रही है। अभी तक पंचायतों का ऑडिट प्रदेश का वित्त विभाग ही कर रहा है।
ऑडिट निदेशालय इस काम को अंजाम देता है। मुसीबत यह है कि ऑडिट को सरकारी विभागों से लेकर विशेष ऑडिट तक के मामलों को देखते हुए खासे दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ऑनलाइन ऑडिट होने से पंचायतों के शत-प्रतिशत खातों के ऑडिट भी अब हो सकेंगे।
केंद्रीय पंचायत मंत्रालय ने बनाई है व्यवस्था
पंचायत विभाग के मुताबिक केंद्रीय मंत्रालय के स्तर पर तैयार ऑनलाइन ऑडिट की इस व्यवस्था की एक खास बात यह भी है कि इसमें योजनाओं के पूरा होने के साथ ही ऑडिट का काम भी पूरा हो जाता है। ऐसे में पारदर्शिता बढ़ जाती है।
आंध्र प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्य शुरू कर चुके हैं ऑनलाइन ऑडिट
ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड में ही यह व्यवस्था लागू की जा रही है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में इस समय करीब दस हजार पंचायतों का ऑनलाइन ऑडिट किया जा रहा है। यूपी में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं। इसी तरह आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड आदि में ऑनलाइन ऑडिट शुरू कर दिया गया है। इतना होने पर भी अभी किसी भी राज्य में शत प्रतिशत ऑनलाइन ऑडिट नहीं हुआ है।
पंचायतों के ऑनलाइन ऑडिट के लिए केंद्र सरकार के साथ सहमति बन चुकी है। इसके तहत पहले चरण में 20 प्रतिशत पंचायतों का ऑनलाइन ऑडिट होगा। इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष में सभी पंचायतों को इस दायरे में लाया जाएगा।
हरिचंद्र सेमवाल, पंचायत सचिव, उत्तराखंड