सैन्य अधिकारी को राजभवन की कमान सौंपे जाने से सेना से जुड़े लोगों में उत्साह है। उनका मानना है कि सेना के अधिकारी को राज्यपाल बनाए जाने से पूर्व सैनिकों का सम्मान बढ़ा है।
सैनिक अधिकारी को राज्यपाल बनाए जाने से प्रदेश के सैनिकों में खुशी है। पहली बार सेना के अधिकारी को राज्यपाल बनाया गया है।
- कर्नल एनसी पंत (सेवानिवृत्त)
सेना के अफसर को राज्यपाल बनाए जाने से सैनिकों का सम्मान बढ़ा है। सेना के अफसर होने के नाते वह सैनिकों की समस्याओं को भली भांति समझेंगे।
-कर्नल एसएस चौधरी (सेवानिवृत्त)
अभिभावक की तरह मिला राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का मार्गदर्शन : सीएम
वहीं देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में शनिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें पौधा भेंट करने के साथ ही शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता ने उन्हें जो सम्मान दिया है,उसके लिए आभारी हैं। उत्तराखंड को वे कभी नहीं भूल सकती हैं। राज्यपाल ने कहा कि यहां के फलों, जड़ी बूटी व अन्य परंपरागत उत्पादों की प्रदर्शनी देश के विभिन्न भागों में आयोजित की जानी चाहिए। इससे राज्य को पहचान मिलेगी। उन्होंने राज्य की महिलाओं के कल्याण के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत बताई। राज्यपाल ने कहा कि वे गंगोत्री व यमुनोत्री के दर्शन करने के लिए यहां आएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने एक अभिभावक की तरह उनका मार्ग दर्शन किया। उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई है। इसका भी स्मरण उन्हें जीवन भर रहेगा। छोटे भाई की तरह उनका स्नेह भी उन्हें प्राप्त होता रहा है। उनके सभी से आत्मीय संबंध रहे। प्रदेश की जनता में वे काफी लोकप्रिय रहीं।