नैनीताल हाईकोर्ट ने आईआईटी रुड़की के निदेशक और विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के सीजेएम रुड़की के आदेश को खारिज कर दिया है।
किसी एक मामले में दो बार एफआईआर नहीं की जा सकती
इस आदेश को 23 दिसंबर को इन अधिकारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 28 दिसंबर 2020 को हाईकोर्ट ने इस आदेश को स्थगित कर दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान आईआईटी के निदेशक अजीत चतुर्वेदी की ओर से अधिवक्ता विपुल शर्मा ने चर्चित टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि किसी एक मामले में दो बार एफआईआर नहीं की जा सकती।
जबकि इस प्रकरण में पूर्व में ही आईआईटी प्रशासन की ओर से गबन के आरोपी के खिलाफ एफआईआर की जा चुकी थी ऐसे में इसी मामले में अब दूसरी एफआईआर नहीं की जा सकती। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने एफआईआर कराए जाने के निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया।