प्रभारी यहां खुद पार्टी बने हुए हैं...
प्रीतम ने कहा, प्रभारी देवेंद्र यादव अपनी मर्जी से ही पार्टी चलाना चाहते हैं। वह खुद एक पार्टी बने हुए हैं। वह अपने दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। एक पक्षीय निर्णय लेकर पार्टी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उनके कृत्यों से कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं।
निकाय और आम चुनाव में पड़ेगा असर
प्रीतम ने कहा, आने वाले समय में कैंट बोर्ड, निकाय और फिर लोकसभा के चुनाव होने हैं। इस वक्त जब प्रभारी को चुनावों के मद्देनजर यहां आकर कार्यकर्ताओं से बात करनी चाहिए, तब वह दिल्ली में बैठकर तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। आने वाले चुनावों पर निश्चित तौर पर इसका असर पड़ेगा।
पांच विधायकों सहित कई दिग्गजों के नाम बाहर
एआईसीसी सदस्यों की सूची में पांच विधायकों तिलक राज बेहड़, मदन बिष्ट, मयूख महर, खुशाल सिंह अधिकारी और गोपाल राणा का नाम भी शामिल नहीं है। इसके अलावा गोविंद सिंह कुंजवाल, दिनेश अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रो. जीत राम, विजयपाल सजवाण, राजकुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल नहीं हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस में घमासान मचना तय
प्रीतम सिंह प्रभारी देवेंद्र यादव पर मनमानी और पार्टी को कमजोर करने का आरोप पहले भी लगाते रहे हैं। इस बार फिर प्रीतम ने जिस अंदाज में देवेंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे तय है कि आने वाले दिनों पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर घमासान मच सकता है।