फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: 11 हजार उपनल कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन, शासन ने सभी विभागों को भेजा पत्र

Tue, 03 Feb 2026 04:06 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

कर्मचारियों को समान कार्य के समान वेतन का लाभ पद का बेसिक वेतनमान और महंगाई भत्ता जोड़कर मिलेगा। इससे उनके मानदेय में भी भारी बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में 25 नवंबर 2025 तक 10 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन मिलेगा। शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद के मुताबिक करीब 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

विज्ञापन


प्रदेश के विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से 22 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारी पिछले काफी समय से समान काम के लिए समान वेतन देने और उन्हें नियमित करने की मांग कर रहे थे। कर्मचारियों के मामले में जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने 12 नवंबर 2018 को आदेश जारी किया था कि कर्मचारियों को एक साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए। उन्हें महंगाई भत्ता सहित न्यूनतम वेतनमान दिया जाए लेकिन सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की एसएलपी खारिज होने के बाद सरकार ने मंत्रिमंडल की उपसमिति का गठन किया। इसी की सिफारिश पर कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

पंचायत की नई व्यवस्था:  शादी में दिया जाएगा मात्र 101 रुपये का शगुन,  उत्तराखंड के इस गांव में सख्त किए गए नियम

विज्ञापन
विज्ञापन

12 नवंबर 2018 है पात्रता की कट ऑफ डेट
सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उपनल कार्मिक जो वर्तमान में जिस पद पर कार्यरत हैं, को उस पद के सापेक्ष वेतनमान का न्यूनतम एवं महंगाई भत्ता दिए जाने के लिए उच्च न्यायालय नैनीताल जनहित याचिका में पारित आदेश की तिथि 12 नवंबर 2018 को पात्रता की कट ऑफ डेट मानी जाएगी।

कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा लाभ
आदेश में कहा गया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को चरणबद्ध रूप से पद के सापेक्ष समान काम के लिए समान वेतन मिलेगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि भविष्य में उपनल के माध्यम से मात्र सरकार की ओर से तय योजनाओं के तहत केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास संबंधी काम करवाए जाएंगे। जो तय समय के लिए होंगे और नितांत अस्थायी होंगे।

88 हजार से अधिक हो जाएगा मानदेय
लेवल-                बेसिक पे-    महंगाई भत्ता-    कुल राशि
10(अधिकारी)-    56,000-       58%-             88,480
07(उच्च कुशल)-  44,900-      58%-             70,942
04(कुशल)-        25,500-       58%-             40,290
02(अर्द्धकुशल)-   19,900-      58%-             31,442
01(अकुशल)-   18,000-         58%-              28,440

उपनल कर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन दे दिया गया है। इससे कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होने के साथ विभागों की कार्य दक्षता में सुधार होगा। सरकार उपनल कर्मियों के हितों के लिए पहले दिन से ही प्रतिबद्ध है। हम प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

शासनादेश से हजारों कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार का आभार, जो कर्मचारी छूट गए हैं, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से लाभांवित किया जाए।
- विनोद गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष उपनल कर्मचारी महासंघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें