इन मुद्दों पर बनी सहमति
इसके अलावा परिवार की पहली शादी में परंपरा स्वरूप मामा पक्ष से एक बकरा व आटा-चावल, सूजी आदि लाए जाने और टीका करने पर पाबंदी, खत की बेटियों की ओर से इस प्रकार के आयोजनों में लिए और दिए जाने वाले बकरे पर पाबंदी, रईणी भोज में चांदी का सिक्का व वस्त्र देने पर रोक, शगुन के रूप में मात्र 101 रुपये देने आदि मुद्दों पर सहमति बनी। साथ ही उल्लंघन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा भी बैठक में की गई।