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उत्तराखंड: देहरादून, हरिद्वार या ऊधमसिंह नगर को जल्द मिलेगी ट्रिपल आईटी की सौगात

Wed, 02 Dec 2020 11:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.निशंक से की वार्ता
  • प्रदेश में आईआईएसईआर के लिए भी जमीन की होगी तलाश
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रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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उत्तराखंड को जल्द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आईटी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) की सौगात मिलेगी। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत की केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक से हुई वार्ता में इस पर बात आगे बढ़ी है।

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डॉ.निशंक ने देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में से किसी एक जिले में पीपीपी मोड में ट्रिपल आईटी बनाने की बात कही। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने डॉ.धन सिंह रावत से प्रदेश में आईआईएसईआर की स्थापना पर भी बात की। इसके परिसर की स्थापना के लिए करीब 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। अभी तक देश में सात आईआईएसईआर हैं। यह विज्ञान की विशेषज्ञता वाले संस्थान होते हैं जबकि ट्रिपल आईटी इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता के संस्थान हैं, जो वर्तमान में देशभर में 25 हैं।


वहीं, निशंक ने पौड़ी, टिहरी और श्रीनगर गढ़वाल के तीनों कैंपस को विशेषज्ञता के आधार पर विकसित करने को कहा है। इन तीनों में से एक को शोध, एक को सामान्य और एक को महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित किया जाएगा।
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डॉ.निशंक ने इस पर भी चर्चा की कि किस प्रकार केंद्र सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों के सरकारी स्कूलों को पोषित कर सकती है। उधर, उन्होंने एनआईटी श्रीनगर के सुस्त निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए इसे जल्द पूरा करने को कहा। कहा कि उत्तरदायी संस्था ठीक से काम नहीं कर रही है तो किसी और संस्था से काम कराया जाए।

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प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए शुरू होंगे विशेष प्रोजेक्ट

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत की केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक से हुई वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार से बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रस्ताव मांगा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमालयी, पिछड़े, दूरस्थ और बीहड़ के क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अपनी तीन-चार प्राथमिकताएं दे सकती है। जहां केंद्र सरकार बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा की सुविधाओं को प्रोजेक्ट के रूप शुरू करेगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में छात्रावास एवं पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध करवाने पर भी बातचीत हुई।

वहीं, निशंक ने उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री से कोटद्वार, गोपेश्वर, अल्मोड़ा के कॉलेजों को स्वायत्ता देने के लिए उनकी सूची बनाकर उसकी सूचना यूजीसी को भी उपलब्ध करवाने को कहा। साथ ही यह सुझाव भी मांगा कि भविष्य में स्वायत्ता की दृष्टि से क्या बेहतर किया जा सकता है।

धन सिंह रावत ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हर जिले में एक कॉलेज को स्वायत्ता दी जाएगी, जिसमें सभी तरह के पाठ्यक्रम संचालित होंगे। यहां छात्रों को अपनी मर्जी के हिसाब से विषय चुनने की आजादी होगी।
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