20 करोड़ की लागत से तैयार वाटर स्पोर्ट्स एवं एडवेंचर अकादमी का मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और केंद्रीय युवा, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल साहसिक खेल कराएगा, बल्कि यहां से विश्व स्तरीय साहसिक खेल से जुड़े खिलाड़ी निकलेंगे, जो देश-दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। अकादमी में स्थानीय स्तर पर भी युवाओं को साहसिक खेलों में दक्ष किया जाएगा, ताकि वह स्वरोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने टिहरी झील को उत्तराखंड का भविष्य बताया।
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि टिहरी में वाटर स्पोर्ट्स एवं एडवेंचर अकादमी शुरू होने से खेल के क्षेत्र में उत्तराखंड का नया अध्याय जुड़ गया है। केंद्र सरकार विंटर स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स को वरीयता दे रही है। ताकि भारत से विश्व स्तरीय खिलाड़ी निकलें।
झील में कयाकिंग, कनोईंग का प्रदर्शन किया
आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देशवाल ने अकादमी में संचालित गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि 20 साल के लिए सरकार ने अकादमी को आईटीबीपी को दिया है इस संस्थान में प्रतिवर्ष 200 स्थानीय युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इस दौरान आईटीबीपी के जवानों ने कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा गीत गाया और इसके बाद टिहरी झील में कयाकिंग, कनोईंग, रोईंग, राफ्टिंग, बैंड, स्पीड मोटर बोट और सर्फिंग जैसे जलक्रीड़ा खेलों का शानदार प्रदर्शन भी किया।
मुख्यमंत्री बनते ही विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले तीरथ सिंह रावत ने साहसिक खेल अकादमी के शुभारंभ पर चार मिनट का भाषण पढ़ कर दिया। साथ ही मीडिया कर्मियों से भी बात करने से साफ इनकार कर दिया। सीएम का पढ़कर बोलने का विषय चर्चाओं में रहा। कार्यक्रम में पहुंचे कार्यकर्ता से लेकर अधिकारी आपस में चर्चा कर रहे थे, कि लगातार विवादित बयान देने के कारण हो रही किरकिर से बचने के लिए सीएम ने पढ़कर बोला है।
देहरादून से कार से पहुंचे सीएम तीरथ सिंह
सीएम बनने के बाद तीरथ सिंह रावत पहली बार देहरादून से कार से जिला मुख्यालय के कोटी कॉलोनी पहुंचे। इसके बाद उन्होंने नरेंद्रनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं से भेंट की। सीएम ने हिंडोलाखाल (कुंजापुरी) स्थित मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद लिया।