नागर शैली का है यह मंदिर
उमा देवी का यह मंदिर नागर शैली में बना है। मंदिर के शीर्ष पर कलश और गोल कमलाकार पत्थर है। मंदिर के अंदर भगवती उमा की भव्य मूर्ति है, जो सबको आकर्षित करती है।
12 साल में होती है उमा देवी की ध्याण यात्रा
विश्व कल्याण की कामना के लिए 12 साल बाद मां उमा शंकरी की दिवारा/ध्याण यात्रा होती है। इस दौरान उमा देवी तीर्थों सहित प्रयागों का भ्रमण कर विभिन्न गांवों में रहने वाली अपनी ध्याणियों को आशीर्वाद देती हैं।