महादेव का वो मंदिर जिसमें सबसे पहले शुरू हुआ था शिवलिंग पूजन

अमर उजाला

Mon, 7 August 2023

Image Credit : सोशल मीडिया
देवभूमि उत्तराखंड का विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम अपार आस्था का केंद्र है। पौराणिक मान्यता के अनुसार सबसे पहले शिवलिंग का पूजन जागेश्वर धाम से ही शुरू हुआ था। 
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जागेश्वर में भगवान शिव जागृत रूप में विद्यमान हैं। जागेश्वर 12 ज्योर्तिलिंगों में से आठवें स्थान पर है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने यहां आकर इसकी मान्यता को पुन: स्थापित किया। 
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अल्मोड़ा से 38 किमी दूर देवदार के घने वनों के बीच जागेश्वर धाम स्थित है। जागेश्वर मंदिर समूह में 125 छोटे-बड़े मंदिर हैं। इनका निर्माण सातवीं से 18वीं शताब्दी के मध्य माना जाता है। 

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मंदिर भगवान शिव और अन्य देवी देवताओं को समर्पित हैं जिनमें योगेश्वर (जागेश्वर) मृत्युंजय, केदारेश्वर, नव दुर्गा, सूर्य, नवग्रह, लकुलीश, बालेश्वर, पुष्टिदेवी और कालिका देवी आदि प्रमुख हैं। 

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मंदिर समूह को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण देहरादून मंडल ने राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया है। मंदिर नागर शैली का है। यहां स्थापित मंदिरों की विशेषता यह है कि इनके शिखर में लकड़ी का बिजौरा (छत्र) बना है जो बारिश और हिमपात के वक्त मंदिर की सुरक्षा करता है। 

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जागेश्वर धाम से कई अनूठी परंपराएं जुड़ी हैं। यहां श्रावण चतुर्दशी पर्व पर निसंतान महिलाएं पूरी रात हाथ में दीपक लेकर तपस्या करती हैं। महिलाएं एक ही मुद्रा में पालकी में बैठकर अथवा खड़े रहकर पूरी रात तपस्या करती हैं।

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