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उत्तराखंड: तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को देश के बड़े अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज

Thu, 25 Nov 2021 11:23 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की अटल आयुष्मान योजना से बाहर कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने की मांग को सरकार ने पूरी कर दी है।
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मरीज से बात करते डॉक्टर(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को उत्तराखंड और देश के बड़े अस्पतालों में आसानी से कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के इलाज को अटल आयुष्मान योजना से अलग कर दिया है। अब उन्हें राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) के माध्यम से कैशलेस इलाज मिलेगा, लेकिन गोल्डन कार्ड और इलाज की सुविधा लेने के लिए आईटी सिस्टम पूर्व की तरह रहेगा। 

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प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की अटल आयुष्मान योजना से बाहर कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने की मांग सरकार ने पूरी कर दी है। बृहस्पतिवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। जिसमें कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों का कैशलेस सुविधा को अटल आयुष्मान योजना से अलग कर दिया गया है। कर्मचारियों व पेंशनरों को राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) के तहत इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दरों पर कैशलेस इलाज किया जाएगा। योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन गोल्डन कार्ड और आईटी सिस्टम की व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।

सीजीएचएस दरों पर बड़े अस्पतालों का होगा पंजीकरण
योजना में कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए असीमित व्यय पर कैशलेस इलाज की सुविधा है। अब सरकार की ओर से सीजीएचएस दरें लागू करने से बड़े अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से सूचीबद्ध 2700 से अधिक अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा रहेगी।
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इमरजेंसी में नहीं होगी रेफर करने की शर्त
प्रदेश के बाहर गैर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारियों व पेंशनरों को सूचीबद्ध अस्पतालों से रेफर करने की व्यवस्था रहेगी, लेकिन इमरजेंसी में इलाज के लिए रेफर की शर्त नहीं रहेगी।

ओपीडी उपचार पर चिकित्सा बिलों की होगी प्रतिपूर्ति
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) में सूचीबद्ध अस्पतालों और गैर सूचीबद्ध अस्पतालों में ओपीडी उपचार कराने पर कर्मचारियों व पेंशनरों को चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति सीजीएचएस दरों से की जाएगी। जिसमें परामर्श शुल्क, डायग्नोटिक्स, रेडियोलॉजी जांच और दवाईयों पर होने वाले व्यय का भुगतान कर्मचारी व पेंशन स्वयं करेंगे। जिसका भुगतान चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में किया जाएगा।

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एनपीएस सेवानिवृत्त कार्मिकों को वार्षिक अंशदान पर गोल्डन कार्ड

नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अधीन आने वाले कर्मचारियों का न्यूनतम 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर वार्षिक अंशदान देने पर योजना का कार्ड बनाया जाएगा। उनके लिए 10 साल का अंशदान एक साथ जमा करने पर योजना का लाभ लेने की सुविधा है। जबकि निगमों, बोर्डों, प्राधिकरणों के कर्मचारियों के लिए योजना लागू नहीं होने से उन्हें चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति से भुगतान किया जाएगा।

कैशलेस इलाज के लिए प्रति माह अंशदान
श्रेणी                          अंशदान(प्रति माह)
वेतन स्तर 1 से 5             250 
वेतन स्तर 6                   450
वेतन स्तर 7 से 11            650
वेतन स्तर 12 व अधिक       1000

ये हैं सीजीएचएस की दरें       
श्रेणी                        बेड           रोज, रुपये में
वेतन स्तर 1 से 5          सामान्य          1000
वेतन स्तर 6                सेमी प्राइवेट      2000
वेतन स्तर 7 से 11         प्राइवेट            3000
वेतन स्तर 12 व अधिक     डीलक्स         4000
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