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उत्तराखंड: पौड़ी में एनएसयूआई ने बाबा रामदेव के खिलाफ दी तहरीर, देशद्रोह का केस दर्ज करने की भी उठी मांग

Wed, 26 May 2021 11:24 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी

सार

एलोपैथी को लेकर दिए गए बयान के बाद से बाबा रामदेव चर्चाओं में है। डॉक्टरों में बाबा रामदेव के बयान को लेकर काफी रोष है। वहीं, अब एनएसयूआई ने भी इस मामले में कदम उठाया है।
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बाबा रामदेव - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना महामारी को लेकर बाबा रामदेव की बयानबाजी पर पौड़ी मुख्यालय में खासा आक्रोश है। एनएसयूआई ने बाबा रामदेव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर पौड़ी पुलिस को तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

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बुधवार को एनएयूआई के प्रदेश सचिव मोहित सिंह ने कोतवाल विनोद गुसाईं को बाबा रामदेव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को लेकर तहरीर सौंपी। मोहित सिंह ने बताया कि बाबा रामदेव कोरोना के कारण एलोपैथी चिकित्सा सेवा के डाक्टरों की मौत को लेकर लगातार अमर्यादित बयानबाजी कर रहे हैं। वे एलोपैथी चिकित्सा पद्धति, दवा के उपयोग और उपयोग से लोगों की मौत को कारण बता रहे हैं, जो पूरी तरह निंदनीय है।

कहा कि कोरोना महामारी से देश व दुनिया जूझ रही है, ऐसे समय में जी जान से जनसेवा में जुटे डाक्टरों के प्रति द्वेष से भरे बयान देना उनके मनोबल को आहत कर रहा है। प्रदेश सचिव ने महामारी अधिनियम व आपदा प्रबंधन के तहत बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। वहीं कोतवाल विनोद गुसाईं ने बताया कि मामले में जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के जिला सचिव मुकुल पंवार भी मौजूद रहे।
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स्वामी रामदेव पर देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग
राष्ट्रीय संघ मानवाधिकार संगठन ब्यूरो के प्रदेश अध्यक्ष नवीन कुमार जैन एडवोकेट ने स्वामी रामदेव के बयान को राष्ट्रविरोधी बताया। साथ ही देश में करोड़ों रोगियों की सेवा में लगे डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों का अपमान करार दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा कायम किया जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पर लगाए गए आरोप के विषय के संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को रामदेव की औषधि विभाग को अपने कब्जे में लेकर जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को तत्काल स्वामी रामदेव के बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए। वह डॉक्टरों पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। 

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बाबा रामदेव पर तुरंत कार्रवाई करे सरकार : प्रीतम सिंह  

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने एलोपैथी चिकित्सा पर बाबा रामदेव के विवादास्पद बयान को डॉक्टरों का अपमान करार दिया है। कहा कि प्रदेेश सरकार को रामदेव के बयान पर कड़ा संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।

कोरोना महामारी में एलोपैथी डॉक्टर रात दिन मरीजों के इलाज में समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में बाबा रामदेव का बयान डॉक्टरों का मनोबल गिराने वाला है। रामदेव ने न सिर्फ चिकित्सा पद्धति का उपहास उड़ाया है, बल्कि जिन डॉक्टरों ने कोरोनाकाल में अपनी जान गंवाई है, उनके ऊपर भी कटाक्ष किया है।

साथ ही कोविड वैक्सीनेशन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। जिससे सरकार को रामदेव के बयान को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने बालकृष्ण पर भी महामारी एक्ट के तहत भड़काऊ बयान देने पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पूरे प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है और समाज को बांटने का काम किया है। प्रीतम सिंह ने सवाल किया कि जब वैक्सीन को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछे गए तो कार्यकर्ताओं पर मुकदमा किया जाता है।

लेकिन आज देश के डॉक्टरों से रामदेव किस हैसियत और क्वालिफिकेशन के तहत 25 सवाल दाग रहे हैं। आज सत्ता पक्ष के तमाम लोगों की चुप्पी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि रामदेव को इन सब का संरक्षण प्राप्त है। प्रीतम सिंह ने कहा कि यह अफसोसजनक बात की है कि आज एक व्यक्ति देश के सारे चिकित्सकों पर हावी है।
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