फोन पर मिली शहादत की खबर
गौतम के भाई सुरेश को भी फोन पर उसके शहीद होने की सूचना दी गई। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही सुरेश जमीन पर गिरकर रोने लगा। हालांकि माता-पिता को यही बताया कि गौतम गोली लगने से घायल हो गया है। ग्रामीणों व रिश्तेदारों के घर आने का सिलसिला शुरू हुआ, तो अन्य परिजनों को भी उसके शहीद होने का आभास हो गया।
इधर, तहसीलदार कीर्तिनगर सुनील राज ने बताया कि ग्राम प्रधान ने सूचना दी है कि नौली गांव का गौतम नागालैंड में शहीद हो गए हैं। एसडीएम सोनिया पंत के अनुसार आधिकारिक रूप से शहीद के बारे में जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह सूचना मिली है कि गौतम का पार्थिव शरीर सोमवार को जॉलीग्रांट (देहरादून) पहुंचेगा।
अक्तूबर में आए थे घर
गौतम अविवाहित थे। वह अक्तूबर मेें एक माह की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। गौतम लगभग हर दो दिन के अंतराल में घर में फोन करके माता-पिता व परिजनों का हाल जानते थे। शुक्रवार को भी उनका फोन आया था। उन्होंने जनवरी में घर आने की बात की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शहीद गौतम लाल की शहादत को नमन किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह शोक संदेश पोस्ट किया है।