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उत्तराखंड : पांच रुपये की टीबी सील से कर सकते हैं क्षय रोगियों की मदद

Sat, 03 Oct 2020 12:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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क्षय रोगियों की मदद के लिए राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने शुक्रवार को टीबी सील अभियान की शुरुआत की। राज्यपाल ने इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए तीन हजार सील भी खरीदी। पांच रुपये की इस सील के बिकने पर हासिल होने वाले फंड का उपयोग क्षय रोगियों को निशुल्क उपचार और जागरूकता अभियान के लिए किया जाता है। 
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गांधी जयंती के मौके पर राजभवन में टीबी एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने अभियान की शुरुआत की। राज्यपाल ने खुद भी पांच टीबी रोगियों को उपचार के लिए गोद लिया हुआ है। टीबी एसोसिएशन के अधिकारियों के मुताबिक गांधी जयंती पर राष्ट्रपति ने टीबी सील का अनावरण किया। 


क्या है टीबी सील 

टीबी एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की महासचिव पूनम किमोठी के मुताबिक इसकी शुरुआत डेनमार्क से 1903 में हुई थी। एक पोस्टमैन ने कुछ बच्चों को क्षय रोग से प्रभावित देखा तो उन्होंने क्रिसमस पर सील पोस्ट आफिसों के जरिये देने का सुझाव दिया।
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भारत में 1950 में टीबी सील अभियान शुरू किया गया। तब से यह अभियान हर साल जारी रहता है और गांधी जयंती पर राष्ट्रपति और राज्यों में राज्यपाल इसकी शुरुआत करते हैं। टीबी सील एक तरह का टोकन है, जो पांच रुपये में किसी भी टीबी एसोसिएशन के कार्यालय से खरीदा जा सकता है।

क्या है प्रदेश में क्षय रोग की स्थिति

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में 2019 में 25625 रोगियों को चिह्नित किया गया था। 81 हजार लोगों की जांच की गई थी। प्रदेश में चार क्षय रोग चिकित्सालय, 13 जिला क्षय रोग केंद्र, 95 क्षय रोग यूनिट, 153 माइक्रोस्कोपिक केंद्र हैं।
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