उन्हें विरासत में कुछ बेशकीमती और मजहबी धरोहरें मिलीं हैं, जिन्हें अगस्त के प्रथम सप्ताह में पिथौरागढ़ लाया जाएगा, जिनमें खासतौर पर काबा शरीफ (मक्का, सऊदी अरब) का डेढ़ सौ साल से ज्यादा पुराना गिलाफ, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की बेटी हजरत फातिमा अल जाहरा की 1400 साल पुरानी चादर, बगदाद स्थित हजरत गौस पाक की मजार का गिलाफ, करबला (इराक) की मिट्टी, 200 साल पुराने दुनिया के सबसे छोटे कुरान की प्रतिलिपि (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य अनुमानित 1.5 करोड़), 18वीं सदी के दुनिया के बड़े कुरान में से एक कुरान की प्रतिलिपि मिली है।
इनके अलावा 19वीं सदी का भारत का पहला उर्दू अनुवाद में कुरान, मदीना (सऊदी अरब) से आई 150 साल पुरानी कौड़ी (सीप), जिस पर अरबी में कुदरती कलमा लिखा है, भी शमिल हैं। धार्मिक महत्ता के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपये है। सैय्यद नदीम पूर्व जिला स्काउट मास्टर स्व. सैय्यद अब्दुल कुद्दूस के बेटे हैं। धार्मिक महत्व की इन सभी चीजों को पिथौरागढ़ के सिनेमा लाइन स्थित आवास पर रखा जाएगा।
पिथौरागढ़ जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। इससे यहां का धार्मिक महत्व और बढ़ जाएगा। अगस्त के प्रथम सप्ताह में ये सभी धरोहरें पिथौरागढ़ लाई जाएंगी, जो दर्शन के लिए पुरानी बाजार जामा मस्जिद में रखी जाएंगी। साल में एक बार इनका दीदार कराया जाएगा।
-सैय्यद मोहम्मद नदीम