चीनी के बढ़ते दाम और बाजार में इसकी उपलब्धता के संबंध में जिला प्रशासन ने मंगलवार को देहरादून समेत विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण और छापे मारे। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर टीमों ने थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच की।
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जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के नेतृत्व में देहरादून, विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश में दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेता प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। ऋषिकेश में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी और विकासनगर में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में भी छापे मारे गए। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक, खरीद-बिक्री के विवरण, बिक्री अभिलेख और बाजार में प्रचलित दरों की जांच की। साथ ही यह देखा गया कि उपभोक्ताओं से निर्धारित से अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही है।
अभियान में जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त दीपक सेमवाल सहित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गन्ना विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने कहा कि चीनी की कृत्रिम कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी या अनुचित मूल्य वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने थोक और फुटकर विक्रेताओं को स्टॉक व बिक्री का विवरण नियमानुसार रखने तथा उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।