दरअसल, शिक्षा विभाग में कई शिक्षक सेवानिवृत्ति से कुछ समय पहले इस पुरस्कार के लिए आवेदन करते हैं। जब तक पुरस्कार की घोषणा होती है तब तक ये शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके होते हैं।
ऐसे में यदि इन शिक्षकों को पुरस्कार मिलता है तो नियम के तहत इन शिक्षकों को दो साल की सेवा का विस्तार देना होगा, लेकिन विभागीय सेवा नियमावली के तहत सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षक को सेवा में नहीं रखा जा सकता।
शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए मानकों में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री का इस पर अनुमोदन मिल चुका है। बुधवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
- शिव विभूति रंजन, अनु सचिव शिक्षा विभाग