प्रतिदिन बदलनी होगी बेड की चादर
डा. रावत ने कहा, मरीजों को किसी भी प्रकार के संक्रमण से दूर रखने के लिए प्रत्येक दिन भर्ती मरीजों के बेड की चादर बदलनी होगी। इसके लिए सप्ताह में सात दिन के लिए चादरों का अलग-अलग रंग निर्धारित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में साफ-सफाई व्यवस्था बनना वार्ड के नर्सिंग इंचार्ज व कालेज के अधीक्षक की जिम्मेदारी होगी।
मरीजों से मिलने का समय निर्धारित होगा
अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने का समय निर्धारित किया जाएगा। विशेषकर आईसीयू व जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार वार्ड के अंदर प्रवेश कर सकेगा। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की भी लगातार निगरानी की जाएगी। यह नई व्यवस्था सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एक जनवरी 2025 से लागू की जाएगी। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों के साथ ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल, टेक्नीशियन व वार्ड बॉय की आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनाती की जाएगी।