प्रदेश में शिक्षा मित्रों के लिए राहत की खबर हैं। विभाग की ओर से शिक्षक भर्ती में उनके पदों को खाली नहीं दिखाया गया है। वहीं उन्हें नियमित नियुक्ति के लिए दो भर्ती वर्ष का मौका मिलेगा, लेकिन इसके बाद भी वे नियमित नियुक्ति के लिए शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं करते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
प्रदेश में इन दिनों शिक्षक के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। विभाग की ओर से जहां 31 मार्च 2021 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के पदों को खाली मानते हुए इन पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही हैं। वहीं शिक्षा मित्रों के लिए विभाग ने उनके पदों को खाली नहीं दिखाया।
जबकि पूर्व में माध्यमिक संवर्ग में सहायक अध्यापक एलटी से लेक्चरर के पदों पर हुए प्रमोशन के दौरान गेस्ट टीचरों के पदों को खाली माना गया था। विभाग की ओर से लेक्चरर के पद पर प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को उन कालेजों में नियुक्ति देकर गेस्ट टीचरों को प्रभावित किया गया था।
शिक्षा मित्रों के पदों को भर्ती में खाली नहीं दिखाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार इन्हें नियमित नियुक्ति के लिए दो भर्ती वर्ष का अवसर प्रदान किया जाना है।
- वीएस रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा
शिक्षा मित्र 20 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद उत्तराखंड में उनके लिए टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया। एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार उन्हें नियमित नियुक्ति के लिए टीईटी से छूट दी जानी चाहिए।
- ललित द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड समायोजित प्राथमिक शिक्षक संघ