ऊषा के अंदर पढ़ाई के जज्बे ने उनकी चार बेटियों को भी मुकाम पर पहुंचा दिया। उनकी दो बड़ी बेटियां डॉ. शैलजा, डॉ. दीपिका श्रीवास्तव अमेरिका में वैज्ञानिक हैं। एक बेटी आभा श्रीवास्तव चेन्नई में समाज सेविका हैं। सबसे छोटी बेटी अंशुल टंडन रुद्रपुर जिला अस्पताल में डाइटीशियन हैं। उनके पति निखिल टंडन सीए हैं। अंशुल बताती हैं कि पिता की मौत के बाद मां टूट चुकीं थीं। अपने को एकाग्र करने के लिए उन्होंने ऑल इंडिया बार एग्जाम की पढ़ाई शुरू कर दी। अंशुल ने बताया कि मां इन दिनों आयुर्वेदिक मीट्रिशीयन कोर्स की पढ़ाई भी कर रही हैं।
खेतीबाड़ी में हुआ लाखों का नुकसान, नहीं खोया हौसला
ऊषा श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपनी कई एकड़ जमीन पर अलग अलग फसलें लगातीं हैं। कुछ समय पहले उन्होंने गुजरात से तीन हजार पौधे लाकर लगाए थे लेकिन अंधड़ में सभी नष्ट हो गए। इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद भी उन्होंने हौसला नहीं खोया।