पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे सुरकंडा रोप-वे प्रोजेक्ट में छह टावरों के सहारे 16 ट्रालियों का संचालन किया जाएगा। एक ट्राली में छह लोग सवार हो सकेंगे, जिससे एक दिन में तीन से चार हजार श्रद्धालु आवागमन कर सकेंगे। बताया गया कि शुरुआती दौर में किराया 200 से 250 रुपये तक प्रति व्यक्ति रखने का प्रस्ताव है। रोपवे में पर्यटन विभाग की 25 और कंपनी की 75 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी 30 साल तक रोप-वे का संचालन करेगी।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
सुरकंडा देवी रोपवे बनने से तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक सालभर मसूरी, धनोल्टी, काणाताल और नई टिहरी से कोटीकालोनी बांध की झील में वोटिंग करने पहुंचते हैं। सर्दी के मौसम में धनोल्टी के साथ ही सुरकंडा क्षेत्र में खूब बर्फबारी होती है, जिससे पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने धनोल्टी पहुंचते हैं। रोपवे बनने से पर्यटन बर्फ से लकदक सुरकंडा की पहाड़ियों को देखने से धनोल्टी से महज सात किमी की दूरी तय कर कद्दूखाल जाने से खुद को नहीं रोक पाएंगे। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद बढ़ने से चंबा-मसूरी फलपट्टी क्षेत्र में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक और टैक्सी चालकों का व्यवसाय भी बढ़ सकेगा।