प्रदेश में तीन दर्जन रोपवे निर्माण के लिए प्रस्तावित
उत्तराखंड सरकार ने रोपवे विकास कार्यक्रम पर्वतमाला के तहत केंद्र सरकार को रोपवे निर्माण के लिए तीन दर्जन से अधिक प्रस्ताव भेजे हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ और जोशीमठ-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना का तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास तक कर चुके हैं। राज्य सरकार वर्तमान में केदारनाथ, नीलकंठ, यमुनोत्री, मसूरी रोपवे परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। मंत्रालय के फैसले के बाद अब इन प्रस्तावों तेजी आ सकेगी।
केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत रोपवे निर्माण के लिए जो राहत दी है, उससे राज्य के प्रस्तावित रोपवे प्रस्तावों पर तेजी से काम करने में मदद मिलेगी। केंद्र के फैसले के आलोक में जल्द ही सभी प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं में तेजी से काम करने के संबंध समीक्षा की जाएगी।
- राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव