-आंखों को खुजलाएं और रगड़े नहीं
-ज्यादा तकलीफ हो तो आरओ के सामान्य पानी से आंखों में हल्के-हल्के झपकी मारें
-आंख में दिक्कत हो तो नल से सीधे आने वाले पानी से आंखें न धुलें
- स्टेरॉयड ड्रॉप का इस्तेमाल न करें, बल्कि डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें
दून अस्पताल के डॉक्टरों ने दी महिला को नई रोशनी
वहीं एसेंशियल ब्लेफरोस्पाज्म से पीड़ित 58 वर्षीय महिला को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने नई रोशनी दी है। डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि पौड़ी गढ़वाल के सालदंग गांव निवासी महिला अपनी दोनों आंखें नहीं खोल पा रहीं थीं। बहुत कम समय के लिए उनकी आंखें खुलती थीं। आंखों की मांसपेशियों में दिक्कत होने की वजह से यह स्थिति थी।