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उत्तराखंड: प्रो. हर्षवंती बिष्ट बनीं भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन की पहली महिला अध्यक्ष

Fri, 26 Nov 2021 08:36 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

20 नवंबर को दिल्ली में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों का चुनाव हुआ। चुुनाव में आईएमएफ के नियमित सदस्य व संबद्ध संस्थानों के सदस्य मतदान करते हैं।
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प्रो. हर्षवंती बिष्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य प्रो. हर्षवंती भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (आईएमएफ) की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गई हैं। प्रो. बिष्ट का उत्तरकाशी शहर और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) से पुराना नाता है।

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20 नवंबर को दिल्ली में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों का चुनाव हुआ। चुुनाव में आईएमएफ के नियमित सदस्य व संबद्ध संस्थानों के सदस्य मतदान करते हैं। अध्यक्ष पद के लिए प्रो. हर्षवंती बिष्ट और अमित चौधरी दावेदार थे। हर्षवंती बिष्ट को 60 व अमित चौधरी को 47 मत प्राप्त हुए। प्रो. हर्षवंती बिष्ट 13 मतों से अध्यक्ष पद पर विजयी रहीं। प्रो. हर्षवंती बिष्ट वर्ष 1984 में एवरेस्ट अभियान की सदस्य भी रही हैं। इस अभियान के दौरान बछेंद्री पाल ने एवरेस्ट आरोहण किया था। 

प्रो. हर्षवंती बिष्ट का उत्तरकाशी से गहरा नाता रहा है। प्रो. बिष्ट यहां राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य रह चुकी हैं। प्रो. बिष्ट 2019 में प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुई। प्रो. बिष्ट का राजकीय सेवा में 8 मार्च 1977 में चयन हुआ था। प्रो. हर्षवंती बिष्ट ने बताया कि उन्होंने चमोली और उत्तरकाशी जनपद में पर्यटन विषय पर शोध किया। उन्होंने वर्ष 1978 में पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स निम से किया। इसके बाद उन्होंने निम से कई अन्य कोर्स भी किए।   
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पौड़ी जनपद में है मूल गांव
प्रो. हर्षवंती बिष्ट का मूल रूप से पौड़ी जनपद के बीरोंखाल विकासखंड के सुकई गांव की हैं। प्रो. बिष्ट के पिता होषियार सिंह बिष्ट सेना में मेजर थे। सात भाई और बहनों में हर्षवंती पांचवें नंबर की हैं। प्रो. हर्षवंती बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही साहसिक खेलों का शौक था। प्रो. हर्षवंती अविवाहित हैं। 

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मिल चुका है अर्जुन अवार्ड 

प्रो. हर्षवंती बिष्ट को पर्वतारोहण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। वर्ष 1981 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने प्रो. बिष्ट को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया था। इसके अलावा प्रो. बिष्ट को कई राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

पर्यावरण के क्षेत्र में भी अग्रणी
प्रो. हर्षवंती बिष्ट ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। हर्षवंती बिष्ट ने गोमुख के समीप भोजवासा में भोजपत्र के करीब साढे़ 12 हजार पौधे रोपे थे। उन्होंने पौध रोपण कार्य वर्ष 1991 से शुरू किया था। ये अब बड़े वृक्ष बन चुके हैं। इस कार्य के लिए प्रो. बिष्ट को वर्ष 2013 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित एक समारोह में सर एडमंड हिलेरी लेगेसी मेडल पुुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार सर एडमंड हिलेरी के पुत्र पीटर हिलेरी ने उन्हें दिया था। प्रो. हर्षवंती बिष्ट यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली एशियन महिला हैं। 

निम के प्रधानाचार्य बने सदस्य 
निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट आईएमएफ की गर्वनिंग काउंसिल का सदस्य चुना गया है। गर्वनिंग काउंसिल में 11 सदस्य होते हैं। इन सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। 
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