संसाधनों के हिसाब से फीस तय होगी
फीस को लेकर शिक्षा से संबंधित हर विभाग की अपनी सब कमेटी है, जो प्रस्तावों की स्क्रूटनी के बाद अपनी सिफारिश नियामक समिति को सौंपेगी। हाल ही में समिति की दो से तीन बैठकें हो चुकी हैं। निजी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से फीस तय की जाएगी।
- शैलेश बगोली, उच्च शिक्षा सचिव एवं शुल्क नियामक समिति के सदस्य सचिव
पांच साल से फीस में कोई वृद्धि नहीं हुई
हर तीन साल में फीस रिवाइज होने की व्यवस्था है, लेकिन पिछले पांच साल से फीस में कोई वृद्धि नहीं हुई। निजी विश्वविद्यालयों ने इस साल औसतन 20 से 30 प्रतिशत फीस वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। शिक्षकों के वेतन एवं महंगाई को देखते हुए फीस में वृद्धि होनी चाहिए।
- सुनील अग्रवाल, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय निजी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय एसोसिएशन