कौन करेगा जांच?
मंदिर समिति ने आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। जांच पूरी होने के बाद अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की बात कही गई है। बता दें कि 2025 में बदरीनाथ धाम में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे।
भैरव सेना ने क्या कहा?
भैरव सेना संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष से जुड़े कर्मचारी पर आर्थिक हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने शुक्रवार को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन रांगड़ को ज्ञापन भेजकर आरोपों की जांच कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया है कि बदरीनाथ मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितता और आर्थिक हेराफेरी हुई है, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी की भूमिका की जांच आवश्यक है। संगठन ने मामले में प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई करने की भी मांग की है। हालांकि, संगठन की ओर से भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कथित आर्थिक हेराफेरी किस प्रकार की है और उसमें कितना नुकसान हुआ है।
किस तरह शुरू हुई जांच?
बीकेटीसी के सीईओ सोहन रांगड़ ने बताया कि उन्हें इस संबंध में संगठन की ओर से शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है। शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर और संबंधित क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा जांच के लिए समिति गठित करने की सिफारिश की गई है।