विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर ने कहा कि ज्योतिर्मठ शंकराचार्य की तपस्थली है और यहां अवैध रूप से मदरसा संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं बजरंग दल के अध्यक्ष शुभम रावत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, वहां पढ़ाने वाले शिक्षक मीनदुल्ला ने बताया कि भवन में केवल नमाज अदा की जाती है और कभी-कभी बच्चे उर्दू सीखने आते हैं। उन्होंने कहा कि गतिविधियां बंद कर दी जाएंगी।
कोतवाली निरीक्षक देवेंद्र रावत ने बताया कि इस संबंध में शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, तहसीलदार महेंद्र सिंह ने भी जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।