अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से राजकीय मेडिकल कॉलेज को दो आरटीपीसीआर मशीनें मिली हैं। अभी तक इन मशीनों को प्रयोग में नहीं लाया गया है। अप्रैल और मई में लोगों को अपनी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए सात से दस दिन तक इंतजार करना पड़ा था। फाउंडेशन से मिली मशीनों का अगर मेडिकल कॉलेज समय पर प्रयोग शुरू कर देता तो लोगों को रिपोर्ट जल्द मिल जाती। साथ ही अधिक जांचें हो सकती थीं।
पीएम केयर फंड से आए पोर्टेबल वेंटिलेटरों में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही थी। कंपनी से टेक्नीशियन और इंजीनियर को बुलाकर लगभग 27-28 वेंटिलेटर ठीक करा दिए गए हैं। शेष जल्द ही ठीक करा दिए जाएंगे। दूसरी कंपनी के टेक्नीशियन और इंजीनियर को सूचना दी गई है। पोर्टेबल वेंटिलेटर अभी वारंटी में हैं। कई बार प्रयोग होते-होते भी कोई तकनीकी दिक्कत आ जाती है। अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से मिले दो आरटीपीसीआर मशीनें अभी प्रयोग में नहीं लाई गईं हैं। उनको इंस्टॉल करने की प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।
अल्मोड़ा में अभी वेंटिलेटर का प्रयोग नहीं हो रहा है। अन्य जिले अपनी आवश्यकता के अनुरूप वेंटिलेटरों का प्रयोग कर रहे हैं। पिथौरागढ़ में भी वेंटिलेटर कम ही प्रयोग हो रहे हैं। वेंटिलेटरों में अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है तो सीएमओ अपने स्तर से कंपनी के टेक्नीशियन और इंजीनियर को बुलाकर ठीक करा सकते हैं।
- डॉ. शैलजा भट्ट स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं।