नए साल का जश्न मनाने के लिए पिंडरघाटी के सभी बुग्याल पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं। बुग्यालों में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से ही पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंगलवार शाम को ऊंची चोटियों पर हुए हिमपात ने सैलानियों के चेहरे खिला दिए हैं।
बुधवार को भी बुग्यालों में जाने वाले पर्यटकों का सिलसिला जारी रहा। थराली के ब्रहमताल, भेंकलताल, सुपताल, वेदनी, रूपकुंड, औली बुग्याल पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं। पर्यटन स्थल से सटे कस्बों में होटल और लॉज भी पर्यटकों से भरे हुए हैं। महाराष्ट्र और गुजरात से सबसे अधिक पर्यटक पहुंच रहे हैं।
विदेशी पर्यटकों में इटली, ऑस्ट्रेलिया और रूस के पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं। जहां एक ओर पयर्टकों के आने से चहल-पहल बढ़ी है, वहीं सीमा पर बिना जांच के पर्यटकों के इन क्षेत्रों में आने से कोरोना और ओमिक्रॉन का खतरा भी बढ़ा है।
थराली में अभी किसी भी प्रकार की सख्ती नहीं है और न ही बाहर से आने वाले सैलानियों का पंजीकरण हो रहा है। साथ ही उनकी किसी भी प्रकार से जांच न होने से स्थानीय लोगों ने इससे संक्रमण बढ़ने की आशंका व्यक्त की है।