पुलिस विभाग में तैनात उन महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई गई है जो गर्भवती हैं या नवजात या पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताएं हैं।
कोविड की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका के चलते याचिका में ऐसी महिला पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर भेजने, फील्ड के बजाय ऑफिस ड्यूटी या वर्क फ्रॉम होम देने के निर्देश देने की गुहार लगाई गई है। इन जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तिथि नियत की।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। किच्छा ऊधमसिंह नगर निवासी सुभाष तनेजा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण होने की आशंका जताई है।
याचिका में आशंका जताई गई है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो यह बच्चों के लिए घातक हो सकती है। ऐसे में पुलिस विभाग में तैनात, गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की मांओं या या ऐसी माताएं जिनके बच्चों की उम्र पांच वर्ष से कम है, उन्हें और उनके बच्चों को खतरा हो सकता है।
प्रदेश में कोरोना के 463 नए मामले, 19 मरीजों की मौत
प्रदेश में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 463 नए मरीज और 19 की मौत हुई है। जबकि 695 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 336616 हो गई है।
देहरादून जिले में 124 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 93, नैनीताल में 53, पिथौरागढ़ में 45, अल्मोड़ा में 30, चंपावत में 25, बागेश्वर में 22, ऊधमसिंह नगर में 20, टिहरी में 15, पौड़ी में 13, चमोली में 12, रुद्रप्रयाग में आठ और उत्तरकाशी जिले में तीन संक्रमित मिले हैं।
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 19 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा है। अब तक 6928 की मौत हो चुकी है। जबकि 695 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिला कर 318930 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं।
संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज ठीक होने से सक्रिय मामले कम हो रहे हैं। वर्तमान में 5021 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 94.75 प्रतिशत हो गई है। सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 6.60 प्रतिशत दर्ज की गई है।