दून अस्पताल से शनिवार को एक कोविड संक्रमित के भागने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस दून अस्पताल पहुंची और उसकी तलाश शुरू की। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने उसे मोती बाजार से पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि दून हॉस्पिटल में टी-एस्टेट निवासी एक 71 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति भर्ती था।
शनिवार सुबह 7:30 बजे वह किसी को बिना बताए वह हॉस्पिटल से चला गया। तलाश करने पर करीब 11:30 बजे मोती बाजार में मिला। इस दौरान किस किस से संपर्क में आया इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है। व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पूर्व में भी कई बार हॉस्पिटल से भागने की कोशिश कर चुका है।
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टिहरी में कोविड केयर सेंटर से फरार हुए थे 20 मरीज
वहीं पिछले माह श्रीदेव सुमन अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भर्ती 20 कोरोना संक्रमित मरीजों के फरार होने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस फरार चल रहे कोरोना संक्रमितों की तलाश में जुट गई थी, लेकिन मोबाइल से भी पुलिस किसी की भी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई थी।
नरेंद्रनगर श्रीदेव सुमन अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है
सुरक्षा की दृष्टि से अब कोविड केयर सेंटर में दो पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। अस्पताल से कोरोना संक्रमितों के भागने पर स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्य प्रणाली पर कई तरह के सवाल उठा रहे थे।
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कोरोना संक्रमितों की देखभाल के लिए जिला प्रशासन की ओर से नरेंद्रनगर श्रीदेव सुमन अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। कोविड केयर सेंटर में बीते दिन 38 लोग भर्ती थे, लेकिन पिछले माह 20 लोग वहां से फरार हो गए थे। मरीजों के गायब होने का पता अस्पताल प्रशासन को रात में उस वक्त चला जब वहां भोजन परोसने कर्मचारी पहुंचे थे। अधिक भोजन वापस बचने पर वार्ड में भर्ती संक्रमितों की गिनती की गई, तो 20 लोग वहां से नदारद मिले थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में मच गया था हड़कंप
संक्रमित मरीजों के फरार होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। सूचना पर देर रात एसडीएम युक्ता मिश्रा और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा था। जो लोग फरार हुए उनमें दो उत्तराखंड, चार उत्तर प्रदेश, सात राजस्थान, तीन हरियाणा और चार लोग उड़ीसा के रहने वाले थे।