किसान सहकारी चीनी मिल नादेही में 2016-17 और 2018-19 में वित्तीय घपलों पर तत्कालीन प्रधान प्रबंधक आरके सेठ के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। वर्तमान में वे बाजपुर चीनी मिल में चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। सचिव गन्ना एवं चीनी व उत्तराखंड सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रशासक चंद्रेश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। किच्छा चीनी मिल की अधिशासी निदेशक रुचि मोहन रयाल को जांच अधिकारी नामित किया गया।
वित्त विभाग ने नादेही चीनी मिल में वर्ष 2016-17 और 2018-19 का ऑडिट किया। ऑडिट में भारी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। उस समय चीनी मिल में प्रधान प्रबंधक के पद पर आरके सेठ तैनात थे। आरोप है कि नादेही मिल से पांच हजार क्विंटल चीनी चोरी कर बेची गई। चोरी को छिपाने के लिए चीनी के कट्टों को फाड़कर चीनी बिखेर दी गई। जबकि प्लास्टिक के कट्टों पर कुंडी नहीं लगती है। जिससे करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई है। चीनी मिल के गेट पर बिना दस्तावेज दिए गाड़ियां बाहर निकाली गईं।
ये हैं आरोप
- नादेही चीनी मिल से पांच हजार क्विंटल चीनी चोरी कर बेची गई।
- चीनी मिल में क्रय किए जाने वाले सामान में फर्जी बिल लगाए गए।
- पेराई सत्र 2017-18 में चीनी मिल में 60 प्रतिशत अर्ली गन्ना होने पर रिकवरी 10.60 आई। चीनी पर्ता कम दिखाकर गड़बड़ी की गई।
- मिल समिति की एक गाड़ी एक लाख 70 हजार किलोमीटर चलाई गई। जबकि मिल में तीन गाड़ियां हैं।
- आउटसोर्स वर्करों को कागजों में ज्यादा दिखाकर कम वर्करों से काम लिया गया।
- सेठ ने फरवरी 2008 में सितारगंज चीनी मिल में सहायक अभियंता पद से त्याग पत्र दिया। एक साल तक बाहर रहने के बाद दोबारा गदरपुर चीनी मिल में तैनाती हुई। साथ ही उप मुख्य अभियंता, मुख्य अभियंता, प्रधान प्रबंधक के पद पर पदोन्नति की गई।
- 30 साल के सेवाकाल में 15 साल से अधिक समय नादेही चीनी मिल में विभिन्न पदों पर तैनात रहे।