कोरोना संक्रमित मरीजों को सबसे बड़ी समस्या सांस लेने में दिक्कत की है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में 122 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध है। इसके अलावा जिला अस्पतालों में स्वचालित ऑक्सीजन पाइप लाइन स्थापित की गई है।
प्रदेश में ये है व्यवस्था
आईसोलेशन बेड- 31 हजार
वेंटिलेटर- 724
ऑक्सीजन बेड- 3317
आईसीयू बेड- 815
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं है। सक्रिय मामलों के आधार पर प्रदेश में आईसोलेशन, आईसीयू, ऑक्सीजन व वेंटिलेटर पर्याप्त मात्रा में हैं। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बढ़ाया जाएगा।
-डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य