वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के जिम कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व को सफारी के लिए 12 माह लगातार खोलने के मौखिक आदेश से राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारी पसोपेश में हैं। दोनों टाइगर रिजर्व के ज्यादातर गेट कोर जोन में स्थित हैं। ऐसे में बिना नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की अनुमति के पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व को खोलना फिलहाल संभव नहीं है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के एक आला अधिकारी ने बताया कि मानसून के दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व में रवासन जैसी नदियों में जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में जब वन्यजीवों की आवाजाही बंद हो जाती है। ज्यादातर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में सफारी कराना खतरे से खाली नहीं है। वहीं, टाइगर रिजर्व को 12 महीने खोलने को लेकर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की अनुमति लेने की बात है तो यह इतना आसान नहीं है।
वहीं, निदेशक डीके सिंह का कहना है कि टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए खोलने को लेकर सरकार, शासन और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक स्तर से कोई आदेश नहीं मिला है। यदि इस संबंध में कोई आदेश जारी किया जाता है तो उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कॉर्बेट पार्क का बिजरानी जोन सैलानियों के लिए बंद
दो दिन जंगल सफारी कराने के बाद कॉर्बेट पार्क के बिजरानी जोन को बंद कर दिया गया है। यह निर्णय मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है। गर्जिया जोन से जाने वाला रास्ता बरसात में खराब हो जाता है, ऐसे में बिजरानी गेट से सैलानियों को जंगल सफारी कराई जा रही है। हालांकि ढेला, झिरना और गर्जिया जोन में सैलानी जंगल सफारी करते रहेंगे।
हर साल 30 जून को मानसून सीजन के चलते बिजरानी जोन को सैलानियों के बंद कर दिया जाता है। 29 जून को कोरोना के चलते बंद हुए कॉर्बेट पार्क को वन मंत्री हरक सिंह रावत ने हरी झंडी दिखाकर सैलानियों के लिए खोला था। अब गर्जिया जोन में जिप्सियां बिजरानी गेट से जाएंगी। ढेला, झिरना व गर्जिया में उस दिन जंगल सफारी नहीं कराई जाएगी जिस दिन ज्यादा बरसात होगी ऐसे में सैलानियों का रुपया रिफंड किया जाएगा।
कॉर्बेट का बिजरानी जोन हर वर्ष की तरह 30 जून को बंद किया गया है। मानसून सीजन को देखते हुए यह निर्णय लिया है। ढेला, झिरना और गर्जिया जोन में मानसून सीजन में भी जंगल सफारी जारी रहेगी।
-
राहुल, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व