कर्मचारियों की वेतन, पदोन्नति सहित अन्य समस्याओं के समाधान पर अब शासन ने और तेजी दिखाई है। कर्मचारियों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अब शासन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि हर महीने कम से कम एक दिन इन समस्याओं के समाधान के लिए बैठक जरूर करें।
एसीएस राधा रतूड़ी ओर से जारी आदेश के मुताबिक हाईकोर्ट ने करीब दो साल पहले हर तीन माह में शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित करने का आदेश दिया था। एसीएस के मुताबिक कई कर्मचारी संगठनों की शिकायत है कि शिकायत निवारण समिति की बैठकें नहीं हो रही हैं।
यह भी सामने आया है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। एसीएस ने अब शासन के अधिकारियों, अन्य विभागाध्यक्षों से कहा है कि हर माह कम से कम एक दिन पदोन्नतियों सहित अन्य मामलों को लेकर बैठक की जाए।
कर्मचारियों की एक और मांग पूरी हुई
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश महामंत्री अरुण पांडे के मुताबिक शासन की ओर से यह आदेश जारी होने से अब कर्मचारियों की एक मांग और पूरी हो गई है। परिषद के साथ एसीएस की 24 अगस्त को हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था।
एसीपी के मुद्दे पर मिली थी पहली सफलता
कर्मचारी संगठनों को एसीपी के मुद्दे पर पहली सफलता मिली थी। शासन ने 24 अगस्त को ही आदेश जारी कर कहा था कि कई कर्मचारियों को 10, 20 और तीस वर्ष की सेवा पर निर्धारित पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। शासन ने कर्मचारियों की इस शिकायत पर सभी विभागों से पदोन्नति न पाने वाले कर्मचारियों का ब्योरा तलब किया था।
लंबित पदोन्नतियों पर फोकस, आदेश में अलग से जिक्र
शुक्रवार को जारी आदेश में लंबित पदोन्नतियों का अलग से जिक्र है। कई विभाग हैं जिनमें इस तरह के मामले लटके हुए हैं। हाल यह है कि यूपी के लिए कार्मिक कार्यमुक्त न होने के कारण आडिट में पदोन्नति अभी तक नहीं हो पाई हैं। इसी तरह कई अन्य विभागों में पदोन्नति के मामले अभी तक लटके हुए हैं।
हड़ताली प्रदेश के तमगे से निजात जरूरी
उत्तराखंड आडिट विभाग अधिकारी सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे का साफ कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय से समाधान न होने का ही सबब है कि प्रदेश में कर्मचारी हड़ताल के लिए मजबूर हो रहे हैं। विभागों के स्तर पर संवाद न होने के कारण भी यह हो रहा है। यही वजह है कि संघ की ओर से समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग को लेकर कार्मिक एकता मंच यात्रा भी निकाल रहा है।