इस नई पहल के तहत जेल के सभी बैरकों में एक-एक साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे। हर बैरक में एक माइक भी दिया जाएगा। साथ ही एक रिकार्डिंग और म्यूजिक रूम बनाया जाएगा, जहां एक ऑपरेटर बैठगा। कैदी अपने बैरक से माइक के जरिये गाने या कहानी की फरमाइश रखेंगे। इसके बाद म्यूजिक रूम से गाना या कहानी सुनाई जाएगी।
बंदी रख सकेंगे अपने मन की बात
अगर कोई अन्य कैदी भी अपने मन की बात रखना चाहता है तो वह म्यूजिक रूम में आकर रख सकेगा। साथ ही अपने साथ घटी कोई रोचक घटना या कहानी भी सुना सकेगा। इससे बंदियों में एक अच्छी भावना जागरूक होगी और कैदी एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि इस अनूठी पहल को लेकर बंदी काफी उत्साहित हैं।
जेल में संजय दत्त ने निभाई थी आरजे की भूमिका
वर्ष 1993 में हुए मुंबई बम धमाका मामले में अभिनेता संजय दत्त यरवडा जेल गए थे। जेल के रेडियो स्टेशन के लिए संजय दत्त को आरजे नियुक्त किया गया था। रेडियो पर संजय दत्त बंदियों का साथियों की तरह स्वागत करते थे। संजय दत्त उन्हें योग के टिप्स देने के साथ स्ट्रेस दूर करने के सुझाव देते थे।
फिलहाल प्रदेश की दो से तीन जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए इच्छुक बंदियों को एक महीने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो सभी जेलों में सेंटर खोले जाएंगे।
-एपी अंशुमान, आईजी जेल