फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला खास: अब बंदी बनेंगे रेडियो जॉकी, उत्तराखंड की जेलों में बजेगा गाना

Sun, 18 Jul 2021 10:45 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की

सार

जेलों में खोले जाएंगे रेडियो जॉकी सेंटर, बंदियों को मिलेगा एक माह का प्रशिक्षण, आईजी जेल की ओर से सूबे की सभी जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर खोलने के आदेश।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हैलो दोस्तों, नमस्कार। मैं हूं आपका अपना आरजे सुरेश (काल्पनिक नाम)। आपकी फरमाइश पर पेश है यह गाना। जी हां! अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो सूबे की जेलों में इस तरह की आवाजें सुनाई देंगी। दरअसल, आईजी जेल की ओर से सूबे की जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर खोलने के आदेश जारी किए गए हैं। जेल में बंद बंदी ही आरजे बनेंगे और बंदी ही गानों की फरमाइश करेंगे।

विज्ञापन


सूबे की सभी जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर खोलने की तैयारी है। इसके लिए बंदियों को आरजे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आरजे बनने वाला बंदी जेल में अन्य बंदियों के गानों की फरमाइश सुनेगा और उनकी पसंद का गाना व रोचक कहानियां सुनाएगा। दरअसल, इसके पीछे आईजी जेल की मंशा है कि बंदियों को अवसाद से बाहर निकाला जाए।

साथ ही उनके व्यवहार में बदलाव लाया जाए। जल्द ही सूबे की सभी जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर स्थापित कर दिए जाएंगे और आरजे बनने की इच्छा रखने वाले बंदियों को एक माह का प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया है। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन

जेल के हर बैरक में लगेंगे साउंड सिस्टम

इस नई पहल के तहत जेल के सभी बैरकों में एक-एक साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे। हर बैरक में एक माइक भी दिया जाएगा। साथ ही एक रिकार्डिंग और म्यूजिक रूम बनाया जाएगा, जहां एक ऑपरेटर बैठगा। कैदी अपने बैरक से माइक के जरिये गाने या कहानी की फरमाइश रखेंगे। इसके बाद म्यूजिक रूम से गाना या कहानी सुनाई जाएगी।

बंदी रख सकेंगे अपने मन की बात
अगर कोई अन्य कैदी भी अपने मन की बात रखना चाहता है तो वह म्यूजिक रूम में आकर रख सकेगा। साथ ही अपने साथ घटी कोई रोचक घटना या कहानी भी सुना सकेगा। इससे बंदियों में एक अच्छी भावना जागरूक होगी और कैदी एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि इस अनूठी पहल को लेकर बंदी काफी उत्साहित हैं।

जेल में संजय दत्त ने निभाई थी आरजे की भूमिका
वर्ष 1993 में हुए मुंबई बम धमाका मामले में अभिनेता संजय दत्त यरवडा जेल गए थे। जेल के रेडियो स्टेशन के लिए संजय दत्त को आरजे नियुक्त किया गया था। रेडियो पर संजय दत्त बंदियों का साथियों की तरह स्वागत करते थे। संजय दत्त उन्हें योग के टिप्स देने के साथ स्ट्रेस दूर करने के सुझाव देते थे।

फिलहाल प्रदेश की दो से तीन जेलों में रेडियो जॉकी सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए इच्छुक बंदियों को एक महीने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो सभी जेलों में सेंटर खोले जाएंगे।
-एपी अंशुमान, आईजी जेल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें