पोर्टल में पूर्व से कार्यरत कार्मिकों का ब्योरा देना होगा
शासनादेश के जारी होने की तिथि से पूर्व यदि किसी विभाग में किसी सेवाप्रदाता की ओर से आउटसोर्स कार्मिक उपलब्ध कराए गए हैं तो ऐसी स्थिति में पूर्व के कर्मियों को समाहित करते हुए आउटसोर्सिंग की रिक्तियों की गणना की जाएगी। यदि किसी विभाग में 100 पद आउटसोर्स के हैं और 30 कार्मिक पहले से कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में पूर्व से कार्यरत अभ्यर्थियों का ब्योरा पोर्टल पर पहले से प्रस्तुत किया जाएगा।
जरूरी है रोजगार प्रयाग पोर्टल पर पंजीकरण
वर्तमान में सेवायोजन विभाग की ओर से युवाओं का पंजीयन अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। किसी भी अभ्यर्थी की ओर से आउटसोर्सिंग कार्मिक के रूप में कार्य करने लिए रोजगार प्रयाग पोर्टल पर पंजीयन कराया जाना होगा। यदि अभ्यर्थी पूर्व से सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत है, तो पंजीयन संख्या एवं तिथि और पंजीयन प्रमाणपत्र अपलोड करने के बाद रोजगार प्रयाग पोर्टल पर पंजीयन कर अपना प्रोफाइल बनाना होगा।
एक बार में पूरे आवेदन नहीं आने पर तीन बार बढ़ाई जाएगी तिथि
आवेदन करने की अंतिम तिथि तक रिक्ति के सापेक्ष पूर्ण आवेदन प्राप्त नहीं होने पर सेवाप्रदाता की ओर से दूसरी बार तिथि बढ़ाने की कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार दूसरी बार भी पूर्ण आवेदन प्राप्त न होने पर सेवाप्रदाता तीसरी और अंतिम बार रिक्त पदों को प्रदर्शित करने की कार्यवाही करेगा। इन आवेदनों के लिए भी न्यूनतम सात दिन का समय दिया जाएगा।
आरक्षण और मानदेय का भी रखा जाएगा ध्यान
यदि प्रकरण विशेष में आरक्षण से संबंधित प्रचलित नियम लागू होने की स्थिति होगी तो संबंधित विभाग इस संबंध में कार्मिक विभाग का मत प्राप्त करते हुए आगे की कार्यवाही करेंगे। यदि मानदेय किसी विभाग में मानदेय का निर्धारण नहीं है तो इस संबंध में वित्त विभाग की सहमति प्राप्त की जाएगी।