उत्तराखंड में नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए वर्ष 2014 में निर्माण कार्यों के टेंडर आवंटन प्रक्रिया में प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितता के आरोप में चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। उनसे 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है।
नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए चमोली जिला पंचायत को 64 कार्यों में से 30 कार्यों के टेंडर आमंत्रित किए गए थे। चमोली के तत्कालीन जिलाधिकारी की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि सबसे कम दर वाली निविदाओं की अनदेखी कर उनसे अधिक दर वाली निविदाओं को मंजूरी दी गई। जबकि निविदा समिति ने सबसे कम दर वाली निविदाओं के पक्ष में सिफारिश की थी। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने निविदा समिति की सिफारिश के विपरीत दूसरे निविदाताओं के पक्ष में स्वीकृति दी।
शासन ने इसे उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2008 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है। कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान पद के दुरुपयोग एवं नियमों के उल्लंघन करने और अनियमितता का मामला प्रतीत हो रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अभी उनसे जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। जवाब प्राप्त होने के उपरांत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- हरिचंद्र सेमवाल, सचिव, पंचायती राज विभाग
मुझे नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। जिस प्रकरण के बारे में मुझे नोटिस देने की बात कही जा रही है, उसकी तत्कालीन जिलाधिकारी जांच कर चुके हैं। जांच में उन्होंने पाया था कि कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। यदि मुझे कोई नोटिस जारी किया गया होगा तो यह विपक्षियों की साजिश है।
- रजनी भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, चमोली