इस क्षेत्र के आसपास वन्यजीव भी डंपिंग जोन से पीड़ित हैं। क्योंकि जिस स्थान पर यह डंपिंग प्लांट बनाया गया है, वह जंगल से सटा हुआ है। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की खंडपीठ ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
इस समिति में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, भारतीय वन्यजीव संस्थान, जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारी, अपर मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार, आयुक्त नगर निगम, जिलाधिकारी देहरादून, एनआईएच रुड़की और भारतीय वन्यजीव संस्थान के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति देहरादून शहर में अपशिष्ट प्रबंधन का समाधान खोजकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके।