दारमा घाटी में दर गांव से दुग्तु तक सड़क पर कई जगह बोल्डर आने से सड़क बंद हो गई है। व्यास घाटी में बीआरओ ने शनिवार को मौसम साफ होने के बाद तवाघाट से मालपा के बीच बंद सड़क को खोलने का कार्य शुरू दिया था। चीन सीमा में गुंजी से कालापानी और गुंजी से कुटी सड़क में बर्फबारी से मलबा और बोल्डर आने से बंद सड़क को भी खोलने का कार्य बीआरओ ने शुरू कर दिया है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क मार्ग पर बीआरओ की ओर से बनाया गया बेली ब्रिज के अबेटमेंट की दीवार गिरने से पुल खतरे में आ गया है।
टनकपुर-तवाघाट एनएच पर आया मलबा
टनकपुर-तवाघाट एनएच पर चुपकोट बैंड के पास भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गई। इससे तीन सौ से ज्यादा छोटे बड़े वाहन फंस गए। तीन दिन लगातार हुई बारिश के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इधर भारतोली के पास सड़क के बंद होने से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को आने वाले वाहन हल्द्वानी-अल्मोड़ा सड़क से सीमांत जनपद को आ रहे हैं, लेकिन चुपकोट के पास सड़क बंद होने के कारण वह पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाए।
बंद हैं चंपावत जिले की ये 17 ग्रामीण सडकें
धौन-सल्ली, बाराकोट-सिमलखेत-काफलीखान, मूलाकोट-कांडे-भुइयां, पटनगांव-कजीना पुनौली, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, मडलक-सागर, चमदेवल-जाख-गजीना, रीठाखाल-मंटकांडे, कामाज्यूला-भनार, बर्दाखान-बिसराड़ी, बाराकोट-रामेश्वर, टाककरायत-कुंडीमाहरा, तिमलागूंठ-पीपलढींग, रौसाल-मटियानी, बगेटी-डूंगरालेटी, मल्ली खटोली, कायल-मटियानी।