दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामलों में देरी होने पर पीड़िता के शरीर के साथ ही मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ता है। यही नहीं, अस्पताल जाकर मेडिकल कराने में उन्हें कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
इसी प्रक्रिया को आसान बनाने और जल्द जांच के उद्देश्य से विशेष टेस्ट किट तैयार की गई है। इसमें टेस्ट ट्यूब और बोतलों के सेट हैं।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जिले के सभी थानों और कोतवाली में दुष्कर्म जांच किट भेजी गई है। इस जांच किट से पुलिस और पीड़िता को मदद मिलेगी। रेपिस्ट के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। किट को बारीकी से समझने के लिए जल्द ही महिला दरोगाओं की ट्रेनिंग शुरू कराई जाएगी।
- डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी