हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वह बारामुला के गुलमर्ग इलाके में तैनात थे। आठ जनवरी को ड्यूटी के दौरान एवलांच आने से वह फिसलकर पाकिस्तान की सीमा की तरफ गिर गए थे।
सेना ने काफी दिनों तक रेस्क्यू किया, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया था। जिसके बाद 21 मई को सेना ने उन्हें बैटल कैजुल्टी मानते हुए शहीद घोषित कर दिया था। आठ माह बाद 15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनका शव बरामद किया था। तब से सेना के श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में रखा गया था।
बुधवार शाम सवा पांच बजे उनके पार्थिव शरीर को एयरफोर्स के विशेष विमान से श्रीनगर से लाया गया। विमान रात करीब पौने आठ बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। जहां शहीद के पिता रतन सिंह नेगी, भाई कुंदन सिंह नेगी और दिनेश नेगी भी मौजूद रहे। इसके बाद पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से गढ़ी कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया।