-एमएसएमई क्षेत्र का डिजिटलाइजेशन बढ़ाया जाए
-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इकॉनोमी डवलपमेंट बोर्ड का गठन
-उद्योगों के विकास के लिए उत्तराखंड बिजनेस एसोसिएशन का गठन
-राज्य में उद्यमिता विकास संस्थान की स्थापना
-इलेक्ट्रिकल विर्निर्माण क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाने और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग व नीतियों में सुधार
-फार्मा सेक्टर में कारोबार के तरीके और ब्रॉडिंग में सुधार
-ऑटो सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग, मानव संसाधन विकास व लीडरशिप में सुधार।
सरकार से चाहिए उद्योगों को ये सहायता
-कारोबार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना-28 प्रतिशत
-एमएसएमई उत्पादों की ब्रॉडिंग बढ़ाना-14 प्रतिशत
-बिजनेस की संभावनाओं को हाईलाइटिंग करना-10 प्रतिशत
-मार्केटिंग इंफॉरमेंशन को शेयर करना-11 प्रतिशत
-बिजनेस फाइनेंसिंग बढ़ाने के स्रोत-11 प्रतिशत
-कारोबार बढ़ाने को पाटर्नर का नेटवर्क बनाना-13 प्रतिशत
-बिजनेस के लिए मेंटरशिप की सुविधा-7.0 प्रतिशत
-बिजनेस आइडिया के लिए दिशानिर्देश-7.0 प्रतिशत
इन चुनौतियों का सामना कर रहे उद्योग
-उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए फंड की कमी-26 प्रतिशत
-नौकरशाही और सरकार स्तर पर सेवाओं में तेजी-18 प्रतिशत
-अवस्थापना विकास में कमी-13 प्रतिशत
-उद्योगों में दक्ष मानव श्रम की कमी-13 प्रतिशत
-किराया, श्रमिक व अन्य खर्चे बढ़ने से बिजनेस लागत में वृद्वि-12 प्रतिशत
-डिजिटल क्षमताओं में कमी-5.0 प्रतिशत
-विदेशों के लिए निर्यात का विस्तार करने में कठिनाईयां-7.0 प्रतिशत
-सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रोत्साहन व ग्रांट में कमी-6.0 प्रतिशत