कार्रवाई में 12 अधिकारियों की चार टीमें की गईं गठित
इस सर्वेक्षण के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई के अधिकारी शामिल थे। 12 अधिकारियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। टीमों ने व्यापारियों के परिसरों में गहन जांच की। आयुक्त कर प्रतीक जैन ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि राज्य कर विभाग का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। फर्जी इनपुट कर क्रेडिट दिखाकर कर चोरी के प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग राज्य में ऐसी सभी फर्मों पर सख्त निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रखेगा।