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Uttarakhand: नौ साल बाद अपने मंदिर में विराजेंगी मां धारी देवी, केदारनाथ आपदा के बाद किया था अपलिफ्ट

Mon, 16 Jan 2023 07:58 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल

सार

जून 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से प्रतिमाओं को अपलिफ्ट कर दिया गया। पिछले नौ साल से प्रतिमाएं इसी अस्थायी स्थान में विराजमान हैं।
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धारी देवी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद धारी देवी की मूर्ति नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होगी। मंदिर के पुजारी न्यास ने शिफ्टिंग के लिए 28 जनवरी का दिन तय किया है। सोमवार को पुजारी न्यास ने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को भी कार्यक्रम में शिरकत करने का न्योता दिया है।

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सिद्धपीठ धारी देवी का मंदिर श्रीनगर से करीब 13 किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी किनारे स्थित था। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के बाद यह डूब क्षेत्र में आ रहा था। इसके लिए इसी स्थान पर परियोजना संचालन कर रही कंपनी की ओर से पिलर खड़े कर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन जून 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से प्रतिमाओं को अपलिफ्ट कर दिया गया। पिछले नौ साल से प्रतिमाएं इसी अस्थायी स्थान में विराजमान हैं।

लगभग चार साल पूर्व कंपनी की ओर से इसी के समीप नदी तल से करीब 30 मीटर ऊपर पिलर पर पर्वतीय शैली में आकर्षक मंदिर का निर्माण करा दिया गया लेकिन कंपनी और आद्य शक्ति मां धारी पुजारी न्यास में सहमति न बन पाने की वजह से बार-बार प्रतिमाओं की शिफि्टंग की तिथि आगे खिसकती रही।
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पुजारी न्यास के सचिव जगदंबा प्रसाद पांडेय ने बताया कि 28 जनवरी की सुबह शुभ मुहूर्त में धारी देवी, भैरवनाथ और नंदी की प्रतिमाएं अस्थायी परिसर से नवनिर्मित मंदिर परिसर में स्थापित कर दी जाएगी। इस दिन भक्तों के लिए मंदिर सुबह 9.30 बजे के बाद खोला जाएगा।

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