खड़िया लदे वाहनों का चालान रद करने के लिए बागेश्वर के पुलिस कप्तान को संबोधित पत्र मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी नंदन सिंह बिष्ट को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया में पत्र के वायरल होने और विपक्ष के सदन में सवाल उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिष्ट की पीआरओ पद से छुट्टी कर दी गई। बिष्ट पर गाज गिराने के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात सभी पीआरओ, मुख्य कोऑर्डिनेटर और कोऑर्डिनेटर पर लेटर हेड के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी गई। अब वे हस्ताक्षर से कोई सरकारी पत्र या निर्देश जारी नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) आनंद बर्द्धन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
कांग्रेस ने चालान करने वाले इंसपेक्टर शिवराज सिंह को हटाए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि शिवराज सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विपक्ष जो आरोप लगा रहा है, सरकार उसकी पुष्टि करने का काम कर रही है। पीआरओ को हटा दिया गया। लेकिन पीआरओ ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें मौखिक आदेश दिया है। मुख्यमंत्री मौखिक आदेश दे रहे हैं तो पीआरओ तो उसका पालन करेगा ही। सरकार में जरा सी भी नैतिकता है तो मुख्यमंत्री इस्तीफा दें। उस इंसपेक्टर को भी हटा दिया गया, जिसने कानून का पालन किया है।
मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि पत्र किसी ने उनके कार्यालय से जारी किया है। लेटर हेड उनका ही है। पत्र में उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। नीचे नाम लिखा गया है। उनका (नंदन सिंह का) न्यूरो का इलाज चल रहा है। पत्र गलत लिखा गया है, वह इसकी जांच करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के पीआरओ के वायरल पत्र को लेकर प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस स्टिंग तो पचा गई और एक अपुष्ट पत्र को हौवा बना रही है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस का प्रलाप हास्यास्पद है। सीएम आवास का एक पत्र जिसकी सत्यता की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश देने से पहले ही आरोपी को तत्काल कार्रवाई कर सस्पेंड कर दिया। बिना हस्ताक्षर के इस पत्र की सत्यता की अभी जांच भी होगी।
उन्होंने कहा कि लेकिन कांग्रेस ने ऐसी नैतिकता तब नहीं दिखाई जब स्टिंग सामने आए और अधिकारी पर कार्रवाई के नाम पर तत्कालीन मुख्यमंत्री बगले झांकते रहे। तब पूरे देश ने खुली आंखों से देखा। वहीं सरकार बचाने के लिए जिस तरह से जोड़ घटाव का खेल हुआ वह भी किसी से छिपा नहीं है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस तमाम आरोप प्रत्यारोप के बावजूद अभी तक एक भी घपले को सामने नहीं ला पाई है। टेंडर से लेकर नौकरी और आबकारी से लेकर खनन में तमाम घोटालो के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस ने वही दौर याद दिला दिया है। जनता ने तब भी उसे दंड दिया था और अभी भी भूली नहीं है।