पुरोला में 108 हरे पेड़ों पर चला दी आरी
पुरोला मामले की जांच में सामने आया है कि वन विकास निगम की ओर से यहां 788 सूखे पेड़ों का छपान किया गया था, जबकि ठेकेदार ने इनकी आड़ में 108 दूसरे हरे पेड़ (14 प्रतिशत अतिरिक्त) काट दिए। सांद्रा रेंज में आवंटित 42 वृक्षों की आड़ में 21 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया। वहीं देवता रेंज में आवंटित 409 पेड़ों की आड़ में 20 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया। इसके अलावा कोटीगाड़ रेंज में आवंटित 337 पेड़ों की आड़ में 67 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया।
चकराता में 3800 स्लीपर, 550 फट्टे मिले
चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में अभी तक देवदार और कैल के 3800 स्लीपर और 550 फट्टे बरामद हो चुके हैं। तलाशी अभियान अभी जारी है। इतने बड़े पैमाने पर लकड़ी बरामद होने से फिलहाल करीब एक हजार पेड़ों के कटान की आशंका जताई जा रही है। आगे स्लीपर की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है। यह मामला सबसे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के फेसबुक अकाउंट पर जुलाई में डाले गए एक वीडियो से सामने आया था। तब से तलाशी अभियान जारी है।
पुरोला के टोंस वन प्रभाग और चकराता की कनासर रेंज में हरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में प्रमुख वन संरक्षक को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। दोनों ही मामलों में जिन भी अधिकारियों या फिर कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
-सुबोध उनियाल, वन मंत्री
पुरोला के मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज के मामले में डीएफओ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल वहां रिकवरी की कार्रवाई जारी है।
-अनूप मलिक, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ)