संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आहुत की गई किसान महापंचायत में केंद्र के कृषि बिल का हर स्तर पर विरोध करने के लिए निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया गया। किसानों ने कहा कि किसान हित के देशभर के किसानों को संगठित होना होगा। रविवार को डोईवाला के केशवपुरी बस्ती दशहरा मैदान में किसान महापंचायत आहुत की गई थी। जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा के अलावा उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से किसानों ने शिरकत की।
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों के अधिकार, हक हकूक को बचाने से लेकर उनको फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। कहा कि इस आंदोलन के सफल होने पर किसान देश में एक नई स्थिति में आ जाएगा। हरियाणा के अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि केंद्रीय कृषि बिल पूरी तरह से किसानों की विरोधी है। देश का किसान आज मान सम्मान और अपने अधिकारों को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।
कहा कि भाजपा सरकार की गलतफहमी दूर करने के लिए किसान संगठित होकर जवाब दे रहा है। बाजपुर के जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। केंद्र सरकार के कृषि बिल से किसान पूरी तरह से बरबाद हो जाएंगे। कहा कि हम संकल्प लेते है कि किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघर्ष को अधिक धार दी जाएगी। स्थानीय किसान नेता गुरदीप सिंह, ताजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र खालसा, मोहित उनियाल, अश्वनी त्यागी, बलबीर सिंह समेत तमाम किसानों ने कहा कि किसान महापंचायत से किसान आंदोलन की गति बढ़ेगी।
कहा कि किसानों की मांगों के अनुरूप सरकार को कृषि कानून वापस लेने चाहिऐ। महापंचायत में जिला पंचायत सदस्य टीना सिंह, हरेन्द्र बालियान, गुरदेव सिंह, सुबोध जायसवाल, खजान सिंह, गफ्फार अली, इंद्रजीत सिंह लाड़ी, उम्मेद वोरा, शिवप्रसाद सेमवाल, अश्वनी त्यागी, जाहिद अंजुम, गुरेन्द्र बॉबी, रणजीत सिंह बॉबी, गुरनाम सिंह, जसबीर सिंह, शिवप्रसाद सेमवाल, सागर मनवाल, मनोज नौटियाल, राहुल सैनी, हाजी अमीर हसन,मनोहर सिंह सैनी, रघुवीर सिंह, महंगा सिंह, गौरव मल्होत्रा, दलजीत सिंह, रणवीर चौहान, चतर सिंह, नारायण सिंह, परमिंदर कौर, हरजीत कौर, भारत भूषण कौशल आदि मौजूद थे।