किन्नौर प्रशासन का पत्र वन विभाग को भेजा
उक्त पत्र जिला प्रशासन उत्तरकाशी को भी भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि ट्रेकों पर हो रही मौतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि किन्नौर प्रशासन का पत्र वन विभाग को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन उत्तरकाशी की ओर से किसी भी ट्रेक पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि किन्नौर प्रशासन अपने क्षेत्र में आने की अनुमति प्रदान करेगा तो यहां से ट्रैकरों को रोका नहीं जाएगा।
किन्नौर प्रशासन का निर्णय से 20 हजार लोग होंगे प्रभावित
किन्नौर प्रशासन के इस निर्णय से ट्रेकिंग क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उत्तरकाशी जनपद में बड़ी संख्या में इस व्यवसाय से लोग जुड़े हुए हैं। ट्रेकिंग बंद होने से इन सभी की आजीविका प्रभावित होगी। गढ़वाल हिमालय ट्रेकिंग एवं माउटेंनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि जनपद उत्तरकाशी में करीब 20 हजार लोगों को ट्रेकिंग से सीधा फायदा होता है। एक ओर उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कह रही है वहीं दूसरी ओर साहसिक पर्यटन पर रोक लगाई जा रही है। इसका विरोध किया जाएगा।