जबकि इतने ही लोग बीते बीते वर्षों में सेवानिवृत्त होकर गांव में निवास कर रहे हैं। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में गांव के गोविंद सिंह राणा शहीद हुए थे। सेना के प्रति गांव का लगाव पहले से रहा है। आजादी से पहले भी यहां के कई सैनिकों ने स्वतंत्रता संग्राम व आजाद हिंद फौज में सेवा की है।
दूसरी तरफ गांव के हर्षवर्धन सिंह चौहान, प्रेम सिंह, विक्रम लाल व गोकुल लाल ने होटल व लॉज का निर्माण कर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राय सिंह चौहान ने बताया कि गांव की मिट्टी की उर्वरता अच्छी है, जिससे फसल व सब्जी उत्पादन बहुत अच्छा होता है। लेकिन बाहरी लोगों द्वारा भूमि की खरीद-फरोख्त सही नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने देवर गांव में कई नाली जमीन खरीदी है। साथ ही अन्य कई बाहरी लोगों द्वारा यहां जमीन लीज पर खरीदकर होटल, रेस्टोरेंट, कॉटेज का संचालन किया जा रहा है।
हमारे गांव के 60 से अधिक लोग सेना में विभिन्न पदों पर तैनात होकर देशसेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। साथ ही गांव के अन्य परिवार खेती, पशुपालन के जरिए अपनी आर्थिकी को बढ़ा रहे हैं। अब, पर्यटन के क्षेत्र में भी कुछ युवा आगे आए हैं, जो हट्स व होम स्टे संचालन की योजना बना रहे हैं।
- लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत देवर